दंत स्वास्थ्य
मसूड़ों से खून आना और पायरिया: कारण, इलाज और बचाव
ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आना सामान्य नहीं है — यह आपके मसूड़ों की मदद की पुकार है। आइए आसान भाषा में समझें कि ऐसा क्यों होता है और इसे कैसे ठीक करें।
मसूड़ों से खून आने का मुख्य कारण
दाँतों और मसूड़ों के बीच जमा प्लाक (चिपचिपी परत) धीरे-धीरे सख़्त होकर टार्टर बन जाता है। इसमें मौजूद बैक्टीरिया मसूड़ों में सूजन पैदा करते हैं, जिससे ब्रश करते ही खून आने लगता है। इसी को मसूड़ों की बीमारी (gingivitis) कहते हैं, और बढ़ने पर यह पायरिया (periodontitis) बन जाती है।
पायरिया के लक्षण
- ब्रश या खाना खाते समय मसूड़ों से खून आना
- मुँह से लगातार बदबू आना
- मसूड़ों का सूजना, लाल होना या मुलायम पड़ना
- मसूड़ों का दाँतों से हटना (दाँत लंबे दिखना)
- दाँतों का ढीला होना या बीच में जगह बनना
इलाज कैसे होता है?
घबराने की ज़रूरत नहीं — शुरुआती पायरिया का इलाज आसान है:
- स्केलिंग (सफ़ाई): अल्ट्रासोनिक मशीन से जमा टार्टर हटाया जाता है। यह दर्द-रहित होता है और दाँतों को नुक़सान नहीं पहुँचाता।
- डीप क्लीनिंग: ज़्यादा बढ़े मामलों में मसूड़ों के नीचे की गहरी सफ़ाई की जाती है।
- सही देखभाल: दिन में दो बार सही तरीक़े से ब्रश और रोज़ फ़्लॉस करना।
घर पर बचाव के उपाय
- दिन में दो बार, ख़ासकर रात को सोने से पहले, मुलायम ब्रश से ब्रश करें
- रोज़ एक बार दाँतों के बीच फ़्लॉस करें
- गुनगुने नमक के पानी से कुल्ला करें
- तम्बाकू, गुटखा और पान से दूरी बनाएँ — ये पायरिया और मुँह के कैंसर का बड़ा कारण हैं
- हर 6 महीने में डेंटिस्ट से जाँच और सफ़ाई कराएँ
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मसूड़ों से खून क्यों आता है?
अधिकतर मामलों में मसूड़ों से खून आना दाँतों पर जमे प्लाक और टार्टर के कारण होने वाली मसूड़ों की सूजन (मसूड़ों की बीमारी) का शुरुआती संकेत है। सही ब्रशिंग और प्रोफेशनल स्केलिंग (सफ़ाई) से यह ठीक हो जाता है। लगातार खून आने पर डेंटिस्ट से मिलें।
क्या पायरिया ठीक हो सकता है?
शुरुआती अवस्था में पायरिया (मसूड़ों की बीमारी) पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है — प्रोफेशनल सफ़ाई, ज़रूरत पर डीप क्लीनिंग और सही देखभाल से। देर करने पर दाँत ढीले होकर गिर सकते हैं, इसलिए जल्दी इलाज ज़रूरी है।